भारत के स्मार्टफोन बाजार में लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाए हुए Vivo Smartphones अब नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। देशभर के मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि कंपनी के कई 4G और 5G स्मार्टफोन या तो समय पर उपलब्ध नहीं हैं या फिर उनकी कीमतें प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की तुलना में काफी अधिक हो गई हैं।
इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ रहा है और ग्राहक दूसरे ब्रांड्स की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में Vivo के लिए अपनी बाजार स्थिति को बनाए रखना पहले से ज्यादा कठिन होता दिखाई दे रहा है।
Vivo Smartphones: Vivo पर रिटेलर्स का फूटा गुस्सा

देशभर के मोबाइल कारोबारियों ने Vivo India के वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी परेशानी पहुंचाई है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन और ऑर्गनाइज्ड रिटेलर्स एसोसिएशन की ओर से कंपनी के सामने फोन की आपूर्ति और कीमतों से जुड़ी चिंताएं रखी गई हैं।
विक्रेताओं का कहना है कि दुकानों पर Vivo के स्मार्टफोन की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। इसके साथ ही कीमतों में बदलाव होने की स्थिति में दुकानदारों को पहले से जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे ग्राहकों को सही जानकारी दे सकें और अपने कारोबार की बेहतर योजना बना सकें।
लगातार स्टॉक की कमी रहने से दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है और ग्राहकों का भरोसा प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
Vivo Smartphones: Vivo के बजट फोन हुए महंगे
कम कीमत में अच्छा स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी स्थिति आसान नहीं है। विक्रेताओं के अनुसार Vivo के कुछ बजट फोन अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के समान श्रेणी वाले फोन से महंगे पड़ रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर Vivo Y05 4G की कीमत करीब 14,999 रुपये बताई जा रही है। इसके मुकाबले Samsung Galaxy A07 4G करीब 11,999 रुपये और Xiaomi Redmi A7 4G करीब 12,499 रुपये की कीमत में उपलब्ध होने की बात कही गई है।
इसी तरह Vivo Y11 5G की कीमत करीब 16,999 रुपये बताई जा रही है, जबकि Samsung और Xiaomi के कुछ समान श्रेणी के मॉडल करीब 14,999 रुपये में मिल रहे हैं। ऐसे में ग्राहक कीमत और मिलने वाले फीचर्स की तुलना करने के बाद दूसरे ब्रांड का फोन खरीदने का फैसला कर सकते हैं।
स्टॉक की कमी से खाली हो रहे स्टोर
कीमत के साथ-साथ फोन की उपलब्धता भी Vivo के लिए चिंता का विषय बनती दिखाई दे रही है। मोबाइल कारोबारियों का कहना है कि कंपनी के कई 4G और 5G मॉडल पिछले कुछ महीनों से नियमित रूप से दुकानों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कई दुकानों पर Vivo स्मार्टफोन का स्टॉक केवल 7 से 10 दिनों के लिए बचा है। इसके मुकाबले दूसरे ब्रांड के फोन का स्टॉक करीब 30 से 45 दिनों तक उपलब्ध रहने की बात कही गई है।
इसका सबसे बड़ा असर तब दिखाई देता है जब कोई ग्राहक किसी खास Vivo मॉडल को खरीदने के लिए दुकान पर पहुंचता है। फोन उपलब्ध नहीं होने पर दुकानदार के पास उसे दूसरे ब्रांड का विकल्प दिखाने के अलावा कोई खास रास्ता नहीं बचता। इससे ग्राहक का खरीदारी का फैसला भी बदल सकता है।
Samsung-Xiaomi को मिला बड़ा फायदा
रिटेलर्स का कहना है कि Vivo Smartphones की सीमित उपलब्धता और बढ़ी हुई कीमतों का सबसे बड़ा लाभ Samsung, Apple, Xiaomi, Oppo, Realme, Motorola, Nothing जैसे ब्रांड्स को मिल रहा है।
जब ग्राहक अपनी पसंद का Vivo फोन नहीं पा रहे या उन्हें उसकी कीमत अधिक लग रही है, तो वे आसानी से दूसरे विकल्प खरीद रहे हैं। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो Vivo की बाजार हिस्सेदारी पर इसका असर पड़ सकता है।
मार्केट लीडर रहने के बावजूद Vivo पर बढ़ा दबाव

Vivo लंबे समय से भारतीय स्मार्टफोन बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल रहा है। जून तिमाही में कंपनी करीब 18 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय स्मार्टफोन बाजार में शीर्ष पर रही थी। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी के स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर दोहरे अंक की गिरावट दर्ज होने की बात सामने आई है।
इस स्थिति में कीमत और स्टॉक से जुड़ी मौजूदा परेशानी कंपनी के लिए और महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर दुकानों पर फोन की उपलब्धता सामान्य होती है और कीमतों को लेकर ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलते हैं, तो बिक्री पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
आगे Vivo के लिए क्या चुनौती रहेगी?
Vivo के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने की है। अगर फोन की आपूर्ति लगातार बनी रहती है और कीमतों में बदलाव की जानकारी दुकानदारों को समय पर मिलती है, तो बाजार में पैदा हुई परेशानी को कम किया जा सकता है।
दूसरी ओर, ग्राहकों के पास लगातार बढ़ते विकल्पों के कारण कीमत और फीचर्स का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में किसी भी ब्रांड के लिए सिर्फ मजबूत बाजार हिस्सेदारी होना पर्याप्त नहीं है। फोन की उपलब्धता, कीमत और फीचर्स तीनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी हो जाता है।
फिलहाल Vivo के सामने आई यह स्थिति कितने समय तक रहती है और कंपनी इसकी भरपाई किस तरह करती है, इसका असर आने वाले समय में उसकी बिक्री और बाजार हिस्सेदारी पर दिखाई दे सकता है।
Disclaimer
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और उद्योग से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई कीमतें, बाजार स्थिति और रिटेलर्स के दावे समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी खरीदारी या व्यावसायिक निर्णय से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट अवश्य जांच लें।















