CBSE 12th Result 2026 जारी होने के बाद देशभर में कई छात्रों और अभिभावकों के मन में “ऑन-स्क्रीन मार्किंग” (OSM) सिस्टम को लेकर सवाल उठने लगे थे। कई विद्यार्थियों को डर था कि कहीं डिजिटल मूल्यांकन की वजह से उनके नंबर प्रभावित तो नहीं हुए। अब इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्रालय ने सामने आकर स्थिति साफ कर दी है।
रविवार (17 मई 2026) को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक “पूरी तरह पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया सिस्टम” है। मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि छात्रों के साथ किसी प्रकार की अन्यायपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कैसे हुई कॉपियों की जांच

स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष CBSE Class 12 की करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया। स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी ताकि मूल्यांकन निष्पक्ष और सुरक्षित रहे।
उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों ने बहुत हल्के रंग की स्याही से उत्तर लिखे थे, जिसकी वजह से स्कैनिंग के बाद कुछ कॉपियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रही थीं। ऐसे मामलों में बोर्ड ने विशेष सावधानी बरती।
संजय कुमार ने कहा कि लगभग 13,000 उत्तर पुस्तिकाओं को अलग से पहचान कर मैन्युअली जांचा गया। इन कॉपियों को परीक्षकों ने हाथ से पढ़कर मूल्यांकन किया और बाद में नंबर सिस्टम में अपडेट किए गए।
छात्रों को बड़ी राहत, री-इवैल्यूएशन फीस में भारी कटौती
CBSE ने इस बार छात्रों को बड़ी राहत देते हुए री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका देखने की फीस में भारी कमी कर दी है। अब छात्र केवल ₹100 देकर अपनी उत्तर पुस्तिका देख सकेंगे, जबकि पहले इसके लिए ₹700 तक देने पड़ते थे।
वहीं उत्तर पुस्तिका की वेरिफिकेशन फीस भी ₹500 से घटाकर ₹100 कर दी गई है। अगर कोई छात्र किसी विशेष प्रश्न की दोबारा जांच करवाना चाहता है, तो उसे प्रति प्रश्न सिर्फ ₹25 देने होंगे।
CBSE 12th Result 2026: नंबर बढ़े तो वापस मिलेगा पैसा
शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के हित में एक और अहम फैसला लिया है। अगर री-इवैल्यूएशन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे ली गई फीस वापस कर दी जाएगी। यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है जो अपने अंकों को लेकर असंतुष्ट हैं।
इस साल कैसा रहा CBSE 12th Result 2026?
इस वर्ष कुल 17,68,968 छात्रों ने CBSE Class 12 बोर्ड परीक्षा दी थी। हालांकि इस बार पास प्रतिशत में थोड़ी गिरावट देखने को मिली, फिर भी लाखों छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया।
- वर्ष 2026 का कुल पास प्रतिशत: 85.20%
- पिछले साल का पास प्रतिशत: 88.39%
- इस बार 3.19% की गिरावट दर्ज की गई
- 94,000 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए
- 17,000 से ज्यादा छात्रों ने 95% से अधिक नंबर प्राप्त किए
CBSE 12th Result 2026: कौन सा क्षेत्र रहा सबसे आगे?
क्षेत्रवार प्रदर्शन में तिरुवनंतपुरम (Trivandrum) सबसे आगे रहा, जहां पास प्रतिशत 95.62% दर्ज किया गया। इसके बाद चेन्नई और बेंगलुरु का स्थान रहा। वहीं उत्तर प्रदेश का प्रयागराज क्षेत्र सबसे नीचे रहा, जहां पास प्रतिशत 72.43% दर्ज किया गया।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या है संदेश?
शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। छात्रों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि उन्हें अपने नंबरों को लेकर कोई संदेह है, तो वे री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं।
कई छात्रों के लिए यह फैसला राहत भरा है क्योंकि अब कम खर्च में अपनी कॉपी देखना और दोबारा जांच करवाना संभव हो गया है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। रिजल्ट, री-इवैल्यूएशन या अन्य प्रक्रिया से जुड़ी ताजा और सटीक जानकारी के लिए छात्र CBSE की आधिकारिक वेबसाइट और शिक्षा मंत्रालय के अपडेट जरूर देखें।







