Weather 11 Oct 2026 के मुताबिक, रविवार को मौसम का मिजाज बदल सकता है। कहीं बारिश से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, तो कहीं तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के कारण परेशानी बढ़ सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, कर्नाटक के तटीय इलाकों और गोवा में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
मौसम विभाग ने केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।
आज किन राज्यों में होगी बारिश और तेज हवाएं?

मौसम विभाग के अनुसार, 11 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां कुछ जगहों पर सतह के पास तेज हवाएं भी चल सकती हैं। दूसरी ओर, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि, देश के सभी इलाकों में एक जैसी बारिश होने का अनुमान नहीं है। कई जगहों पर बारिश छिटपुट रूप से देखने को मिल सकती है।
इन इलाकों में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों के अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश के नए दौर देखने को मिल सकते हैं।
दूसरी तरफ, कर्नाटक के तटीय इलाकों और कोंकण-गोवा क्षेत्र में कुछ जगहों पर गर्मी के साथ उमस बनी रह सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को चिपचिपी गर्मी और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है।
धीरे-धीरे विदा हो रहा मानसून, फिर भी क्यों होगी बारिश?
देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय क्षेत्र और पूर्वोत्तर के बड़े हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
10 अक्टूबर तक मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी समेत कई स्थानों से होकर गुजर रही थी।
हालांकि, मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि देश में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। वायुमंडल में बनने वाले दूसरे मौसमी सिस्टम भी बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की वजह बन सकते हैं। यही कारण है कि मानसून की वापसी के दौरान भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ मालक्का के पास मौजूद मौसमी सिस्टम के 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
कम दबाव का क्षेत्र बनने पर आसपास के इलाकों में बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और बारिश के मौसम पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, इससे किन क्षेत्रों में कितनी बारिश होगी, इसका अंदाजा आगे जारी होने वाले मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
Weather 11 Oct 2026: किन बातों का रखें ध्यान?
गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज हवाएं चलने पर कमजोर पेड़ों, होर्डिंग और ढीली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
बारिश की संभावना वाले इलाकों में घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देख लें। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, खासकर यदि बारिश के कारण रास्तों पर फिसलन या भूस्खलन का खतरा हो।
Weather 11 Oct 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. 11 अक्टूबर 2026 को किन राज्यों में बारिश हो सकती है?
केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश या गरज-चमक की संभावना है। लक्षद्वीप, पुडुचेरी, कराईकल और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में भी मौसम बदल सकता है।
2. किन राज्यों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है?
केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
3. क्या मानसून की वापसी के बाद बारिश बंद हो जाएगी?
नहीं, मानसून की वापसी के बाद भी बारिश हो सकती है। कम दबाव के क्षेत्र और दूसरे मौसमी सिस्टम बादल बनने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की वजह बन सकते हैं।
4. बंगाल की खाड़ी में कब बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
5. क्या गोवा और तटीय कर्नाटक में बारिश होगी?
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। बारिश को लेकर स्थानीय पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है, इसलिए ताजा जानकारी देखना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख भारत मौसम विज्ञान विभाग के 10 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान में दी गई जानकारी पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है। किसी क्षेत्र में बारिश, तेज हवा या बिजली गिरने की वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है। सटीक और ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।















