भारत और रूस के बीच यात्रा के साथ अपने संपर्क को आसान बनाने के लिए इस नई व्यवस्था को शुरू किया गया है। जिससे भारतीय पर्यटकों के लिए रूस जाना पहले से ज्यादा सरल हो गया है।

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इस नए कदम को लेने के पीछे मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पर्यटन, बिज़नेस और एक-दूसरे देश के कल्चर को बढ़ावा देना है, और लोग दो देश को करीब से जान सकें।

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रूस की यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को अपने वीजा करवाने की प्रक्रिया में पहले दिक्कते आती थी, लेकिन अब यह काफी आसान हो गया है और लंबी समय की कागजी प्रोसेस के लिए इंतज़ार अब कम हो गया है।

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रूस की सरकार चाहती है कि भारत की और से कई ज्यादा पर्यटक उनके वहां विजिट करें, देखा जाएँ तो भारत की ट्रैवल मार्केट इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है।

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यात्रियों के लिए रूस में कुछ मशहूर स्पॉट है जैसे की मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग की तरह कई ऐतिहासिक जगा इनमे से बेहद फेमस है।

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दोनों देशों के नेताओं ने भी कई बार भारत-रूस की टूरिज्म को बढ़ाने के लिए प्रयास करते आ रहे थे ताकि नई देश में यात्रा के साथ साथ लोगो में एम्प्लॉयमेंट को भी बढ़ाया जा सकें।

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एक्सपर्ट का मानना है कि इस फैसले के तहत भारत के छात्रों को और भी कई नए अवसर मिलेंगे, साथ ही बिजनेस यात्रियों और पर्यटकों को रूस जाने में काफी सुविधा मिलेगी।

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इस फैसले से उम्मीद है कि भविष्य में दो देश के बीच ट्रेवल, बिजनेस में उन्नति भी होने वाली है और लोगों में भी इस बात की बेहद खुसी है साथ ही दो देश में आपसी संबंध भी मजबूत होंगे।

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